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Remedies for constipation/piles - 1
 
 

कब्ज क्यों होता है 

 

constipation remedies
 
आज अगर लोग किसी चीज़ से सबसे ज़्यादा परेशन हैं तो वह है कब्ज. 100 में से 80 लोग इस बीमारी की चपेट में. यही कब्ज जब भयानक रूप लेता है तब बन जाता है बवासीर. 
क्यों होता है कब्ज ?
जब हमें क्या खाना, कितना खाना, कैसे खाना आदि का ज्ञान नहीं होता है तब हम बीमारियों का शिकार बनते हैं. आवश्यकता से अधिक खाना, पाचन क्षमता के विपरीत खाना, मौसम के विरुद्ध खाना....इन कारणों से भी कब्ज होता है. और अगर हम उपर बताए गये सारे कारणों से बच रहे हैं और अच्छा भोजन कर रहे हैं तो दो ही कारण हो सकते हैं कब्ज के : 
1. हमारे भोजन में दोष 
एवं 
2. हमारे शरीर में दोष.
भोजन का दोष : 
भोजन में चिकनाई की कमी, रसायनिक पदार्थों का ज़्यादा उपयोग, बहुत समय पहले का बनाया खाने से भी कब्ज होता है. आज-कल जो तेल बाज़ार में उपलब्ध हैं उनमें चिकनाई 0.0001% भी नहीं रहती है. रीफाइंड के नाम पर तेल की सारी चिकनाई निकाल ली जाती है. जिससे वो तेल कब्ज सहित कई अन्य कई बीमारियों का कारण बनता है. 
इससे बचने के लिए स्वयं का तिल, सरसों, कपास...जिसका भी तेल चाहिए, खरीद लें और तेल निकलवा लाएँ. यह सस्ता और फयदेमंद होगा. अन्यथा बाज़ारु तेल खा कर अपना तेल निकलवाएँ और गंभीर बीमारियों के शिकार बनें. 
ठंढा खाने-पीने से भी कब्ज होता है. भोजन करते समय गरम जल का प्रयोग करें. भोजन के समय फ़्रिज़ का पानी ना पिएं. भोजन के तुरंत बाद आइस क्रीम ना खाएँ. अन्यथा कब्ज के साथ कई बीमारियाँ फ्री में मिलेंगी.
भोजन का गंभीर दोष है की भोजन का स्रोत क्या है. अगर आपने दूसरे के हक़ का पैसा कमाया है, ग़लत तरीके से पैसे कमाए हैं तो इन पैसों से लिया गया भोजन कभी भी अच्छा स्वास्थ्य नहीं देगा. दूसरी बात अगर सही तरीके से कमाने के बाद भी आप ग़रीब-ज़रूरतमंद की सहायता नहीं करते, भूखों को नहीं खिलाते, धार्मिक कार्य, पूजा-पाठ आदि में खर्च नहीं करते, हवन आदि नहीं करते तो कब्ज के साथ आपको बहुत सारी बीमारियाँ होंगी.
2. शरीर का दोष :
अच्छी तरह पेट सॉफ नहीं होने से, भारी खाने से, ज़्यादा खाने से शरीर में दोष उत्पन्न होते हैं. आँतो मे गंदगी भर जाती है. चिप छिपा खाने से भोजन का अंश आँतो में चिपका रह जाता है जो आसानी से नहीं निकलता है. यह कब्ज सहित कई अन्य बीमारियों का कारण बनता है जैसे आलस्य, सुस्ती, कमज़ोरी, थकान, मानसिक चिंता, भूख की कमी...आदि.
इससे बचने के लिए सप्ताह में एक बार त्रिफला चूर्ण अवश्य लें. और सप्ताह में एक बार एरन्ड का तेल (कॅसटर आयिल) लें. दोनों के बीच अंतर रखें. जैसे त्रिफला एक चम्मच बुधवार की रात भोजन के बाद गर्म पानी से लिया तो एरन्ड का तेल दो चम्मच रविवार की रात को गर्म पानी से अथवा तो दाल, दूध, सब्जी आदि में मिलाकर लें. यह पेट की पूरी तरह सफाई कर देंगे. आँतो की गंदगी भी निकाल देंगे. सप्ताह में एक दिन अथवा महीना में एक दिन उपवास करें. सप्ताहिक उपवास करना हो तो अपने प्यारे देवता का कोई एक दिन चुन लें और उस दिन उपवास करें. 15 दिन में एक ही बार करना चाहते हों तो एकादशी का उपवास करें. और जो पेटु ये भी ना कर सकें वे महीने में एक बार पूर्णिमा अथवा अमावश्या को ज़रूर उपवास करें. उपवास के दिन एक समय फल अथवा दूध लें. इनके बिना काम चला सकें तो अति उत्तम. अथवा गर्म पानी में एक नींबू निचोड़ कर पी लें.  
admin 02.12.2016 0 173
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02.12.2016 (142 days ago)
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